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House Renting Guide: Important Things to Check Before Finalizing a Rental Home

होम लोन के दौरान मूल प्रॉपर्टी दस्तावेज बैंक के पास हैं? मालिकाना हक साबित करने के लिए संभालकर रखें ये 6 दस्तावेज

होम लोन लेकर घर या फ्लैट खरीदने के बाद अक्सर एक सवाल सामने आता है—अगर प्रॉपर्टी के मूल दस्तावेज बैंक के पास हैं, तो जरूरत पड़ने पर मालिक अपने घर पर कानूनी मालिकाना हक कैसे साबित करेगा?

दरअसल, होम लोन के दौरान बैंक द्वारा मूल दस्तावेज अपने पास रखना एक सामान्य प्रक्रिया है। बैंक इन दस्तावेजों को इसलिए रखता है क्योंकि खरीदी गई प्रॉपर्टी लोन की सुरक्षा के तौर पर बैंक के पास गिरवी रहती है। इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि बैंक उस घर का मालिक बन जाता है।

जब तक लोन पूरी तरह चुकता नहीं हो जाता, मूल दस्तावेज बैंक के पास रह सकते हैं। इस दौरान प्रॉपर्टी का मालिक अपने नाम से जुड़े कई अन्य दस्तावेजों के जरिए अपने मालिकाना हक और प्रॉपर्टी से संबंध को साबित कर सकता है।

इसलिए केवल मूल रजिस्ट्री बैंक के पास होने को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। घर या फ्लैट से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों की प्रतियां और सरकारी रिकॉर्ड सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।

होम लोन के दौरान मूल प्रॉपर्टी दस्तावेज बैंक के पास हैं? मालिकाना हक साबित करने के लिए संभालकर रखें ये 6 दस्तावेज

बैंक मूल प्रॉपर्टी दस्तावेज अपने पास क्यों रखता है?

जब कोई व्यक्ति होम लोन लेकर घर खरीदता है, तो आमतौर पर वह प्रॉपर्टी बैंक के लिए लोन की सुरक्षा यानी सिक्योरिटी बन जाती है। इसी वजह से बैंक बिक्री विलेख (Sale Deed), पुराने टाइटल दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात अपने पास रख सकता है।

बैंक का इन दस्तावेजों को रखना इस बात का संकेत नहीं है कि प्रॉपर्टी बैंक की हो गई है। मालिकाना हक खरीदार के पास ही रहता है, जबकि बैंक का प्रॉपर्टी पर लोन से जुड़ा सुरक्षा अधिकार रहता है।

लोन पूरी तरह चुकाने के बाद बैंक को संबंधित मूल दस्तावेज वापस करने होते हैं। इसके साथ लोन क्लोजर से जुड़े दस्तावेज और आवश्यक NOC या अन्य रिलीज डॉक्यूमेंट भी लेना चाहिए।

इसलिए लोन लेते समय यह रिकॉर्ड जरूर रखें कि बैंक के पास कौन-कौन से मूल दस्तावेज जमा किए गए हैं।

मूल दस्तावेज बैंक के पास हों तो मालिकाना हक कैसे साबित करें?

अगर आपकी प्रॉपर्टी के मूल कागजात बैंक के पास हैं, तो सबसे पहले बैंक से उन सभी दस्तावेजों की सूची और उनकी प्रतियां सुरक्षित रखें, जो आपने जमा किए हैं।

लोन एग्रीमेंट, डॉक्यूमेंट जमा करने की रसीद या acknowledgement, बैंक की ओर से जारी दस्तावेजों की सूची और प्रॉपर्टी से संबंधित अन्य रिकॉर्ड संभालकर रखना उपयोगी हो सकता है।

इसके अलावा, संबंधित रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी से रजिस्टर्ड Sale Deed की प्रमाणित कॉपी (Certified Copy) भी प्राप्त की जा सकती है। अलग-अलग राज्यों में इसके लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन व्यवस्था हो सकती है।

प्रमाणित कॉपी सामान्य फोटोकॉपी से अलग होती है क्योंकि यह सरकारी रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से प्राप्त की जाती है।

मालिकाना हक से जुड़े ये 6 दस्तावेज जरूर संभालकर रखें

1. रजिस्टर्ड Sale Deed या बिक्री विलेख

रजिस्टर्ड Sale Deed प्रॉपर्टी से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है। इसमें खरीदार और विक्रेता की जानकारी, प्रॉपर्टी का विवरण और बिक्री से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दर्ज होती है।

अगर इसका मूल दस्तावेज बैंक के पास है, तो उसकी स्पष्ट कॉपी अपने पास रखें। जरूरत पड़ने पर संबंधित रजिस्ट्रेशन कार्यालय से प्रमाणित कॉपी भी प्राप्त की जा सकती है।

हालांकि, केवल वर्तमान Sale Deed देखना पर्याप्त नहीं होता। प्रॉपर्टी के पुराने मालिकाना दस्तावेज और पूरी टाइटल हिस्ट्री भी महत्वपूर्ण होती है।

2. पुराने टाइटल और मालिकाना दस्तावेज

आपने जिस प्रॉपर्टी को खरीदा है, उसके आपसे पहले भी मालिक हो सकते हैं। इसलिए प्रॉपर्टी के पुराने दस्तावेज उसकी पूरी Ownership Chain को समझने में मदद करते हैं।

इनमें पुराने Sale Deed, Gift Deed, Partition Deed, विरासत से जुड़े दस्तावेज या अन्य टाइटल पेपर शामिल हो सकते हैं।

इसलिए नई रजिस्ट्री होने के बाद पुराने दस्तावेजों को बेकार समझकर फेंकना नहीं चाहिए। भविष्य में प्रॉपर्टी बेचते समय या किसी कानूनी सवाल के दौरान ये दस्तावेज महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

3. Mutation या नामांतरण रिकॉर्ड

प्रॉपर्टी ट्रांसफर होने के बाद संबंधित सरकारी या स्थानीय रिकॉर्ड में नए मालिक की जानकारी अपडेट करने की प्रक्रिया को आमतौर पर Mutation या नामांतरण कहा जाता है।

नामांतरण रिकॉर्ड यह दिखाने में मदद कर सकता है कि प्रॉपर्टी के संबंध में सरकारी या स्थानीय रिकॉर्ड में बदलाव किया गया है।

हालांकि, केवल Mutation को हर स्थिति में मालिकाना हक का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। इसका महत्व राज्य और प्रॉपर्टी के प्रकार के अनुसार अलग हो सकता है।

इसे Sale Deed और अन्य टाइटल दस्तावेजों के साथ एक सहायक रिकॉर्ड के रूप में देखना बेहतर है।

4. प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें

प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें भी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड हो सकती हैं। अगर प्रॉपर्टी टैक्स नियमित रूप से मालिक के नाम पर जमा किया जा रहा है, तो यह व्यक्ति और प्रॉपर्टी के बीच लगातार संबंध दिखाने में मदद कर सकता है।

इन रसीदों से यह भी पता चल सकता है कि संबंधित स्थानीय निकाय के रिकॉर्ड में प्रॉपर्टी किस नाम से दर्ज है।

लेकिन केवल प्रॉपर्टी टैक्स भरने से मालिकाना हक पैदा नहीं होता। टैक्स रसीदें Sale Deed, Mutation और अन्य दस्तावेजों के साथ मिलकर अधिक उपयोगी होती हैं।

5. बिजली और पानी के बिल

बिजली और पानी के बिल अपने आप में कानूनी मालिकाना हक का अंतिम प्रमाण नहीं होते, लेकिन ये उपयोगी सहायक दस्तावेज हो सकते हैं।

अगर बिजली, पानी या अन्य यूटिलिटी रिकॉर्ड आपके नाम और प्रॉपर्टी के पते से जुड़े हैं, तो वे यह दिखाने में मदद कर सकते हैं कि आप उस प्रॉपर्टी से लगातार जुड़े हुए हैं और उसका उपयोग कर रहे हैं।

इसलिए घर खरीदने के बाद नाम ट्रांसफर से जुड़े रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण यूटिलिटी बिल भी सुरक्षित रखना अच्छा होता है।

6. होम लोन और बैंक के दस्तावेज

होम लोन से जुड़े दस्तावेज भी भविष्य में काफी उपयोगी हो सकते हैं।

लोन सैंक्शन लेटर, लोन एग्रीमेंट, बैंक के पास जमा किए गए प्रॉपर्टी दस्तावेजों की रसीद, लोन स्टेटमेंट और बैंक के साथ हुई महत्वपूर्ण बातचीत या पत्राचार को सुरक्षित रखें।

ये दस्तावेज यह दिखाने में मदद कर सकते हैं कि बैंक ने प्रॉपर्टी के मूल कागजात को आपके होम लोन की सुरक्षा के तौर पर अपने पास रखा है।

जब लोन पूरी तरह चुक जाए, तो बैंक से Loan Closure Document, NOC और मूल प्रॉपर्टी दस्तावेजों की वापसी से जुड़े सभी रिकॉर्ड जरूर लें और सुरक्षित रखें।

क्या सिर्फ रजिस्ट्री होने से मालिकाना हक पूरी तरह साबित हो जाता है?

रजिस्ट्री बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रॉपर्टी खरीदते समय सिर्फ एक दस्तावेज पर निर्भर रहना सही नहीं है।

प्रॉपर्टी खरीदने से पहले विक्रेता के मालिकाना दस्तावेज, पुराने टाइटल पेपर, संबंधित सरकारी रिकॉर्ड, बकाया टैक्स या अन्य देनदारियां, प्रॉपर्टी पर किसी तरह का लोन या चार्ज और जरूरी मंजूरियों की जांच करनी चाहिए।

सिर्फ रजिस्ट्री हो जाने से प्रॉपर्टी से जुड़े सभी संभावित कानूनी जोखिम खत्म नहीं हो जाते। पुराने मालिकाना विवाद, विरासत से जुड़े दावे, बकाया राशि या दस्तावेजों में गलत जानकारी जैसी समस्याएं बाद में सामने आ सकती हैं।

इसीलिए बड़ी या जटिल प्रॉपर्टी खरीदने से पहले किसी योग्य प्रॉपर्टी वकील से दस्तावेजों की जांच करवाना समझदारी हो सकती है।

अपनी प्रॉपर्टी की पूरी डॉक्यूमेंट फाइल बनाएं

घर या फ्लैट के मालिकों को एक ही दस्तावेज पर निर्भर रहने के बजाय प्रॉपर्टी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण कागजात की पूरी फाइल बनाकर रखनी चाहिए।

इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • रजिस्टर्ड Sale Deed की कॉपी या Certified Copy

  • पुराने टाइटल और मालिकाना दस्तावेज

  • Mutation या नामांतरण रिकॉर्ड

  • प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें

  • बिजली और पानी के रिकॉर्ड

  • होम लोन एग्रीमेंट और बैंक के दस्तावेज

  • बैंक को मूल दस्तावेज सौंपने की रसीद या acknowledgement

  • लोन स्टेटमेंट और महत्वपूर्ण बैंक पत्राचार

  • लोन चुकाने के बाद Loan Closure Document और NOC

इन सभी दस्तावेजों की सुरक्षित डिजिटल स्कैन कॉपी भी रखना उपयोगी है। हालांकि, डिजिटल कॉपी को सुरक्षित जगह पर रखें और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए उचित बैकअप भी बनाएं।

निष्कर्ष

होम लोन के दौरान प्रॉपर्टी के मूल दस्तावेज बैंक के पास होने का मतलब यह नहीं है कि मालिक अपने घर का मालिकाना हक साबित नहीं कर सकता।

रजिस्टर्ड Sale Deed सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है, लेकिन इसके साथ पुराने टाइटल रिकॉर्ड, Mutation दस्तावेज, प्रॉपर्टी टैक्स रसीदें, यूटिलिटी रिकॉर्ड और बैंक के लोन दस्तावेज भी प्रॉपर्टी से जुड़े मालिकाना हक और रिकॉर्ड की पूरी तस्वीर बनाने में मदद कर सकते हैं।

सबसे जरूरी बात है कि प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों की पूरी और व्यवस्थित रिकॉर्ड फाइल बनाकर रखें।

और जब होम लोन पूरी तरह चुका दिया जाए, तो बैंक से सभी मूल दस्तावेज वापस लेने के साथ Loan Closure और अन्य जरूरी रिलीज दस्तावेज भी जरूर प्राप्त करें। अगर प्रॉपर्टी के मालिकाना हक को लेकर कोई विवाद या जटिलता हो, तो केवल दस्तावेजों की कॉपी पर निर्भर रहने के बजाय योग्य प्रॉपर्टी वकील से कानूनी सलाह लेना बेहतर है।

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