क्या इलेक्ट्रिक वाहन सच में पर्यावरण के लिए बेहतर हैं? उत्पादन प्रक्रिया, CO₂ उत्सर्जन और छिपा हुआ प्रदूषण
आज दुनिया तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की ओर बढ़ रही है। इन्हें पेट्रोल और डीजल वाहनों का साफ विकल्प माना जाता है क्योंकि इनमें सड़क पर धुआं नहीं निकलता। लेकिन इलेक्ट्रिक वाहन की पूरी जीवन यात्रा (Life Cycle) को देखें तो तस्वीर थोड़ी जटिल हो जाती है। इलेक्ट्रिक वाहन चलने के समय कम प्रदूषण करते हैं, लेकिन इनके निर्माण, बैटरी उत्पादन और खनन की प्रक्रिया में भारी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन और पर्यावरणीय नुकसान हो सकता है। इलेक्ट्रिक वाहन बनने की प्रक्रिया और CO₂ उत्सर्जन एक इलेक्ट्रिक वाहन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उसकी बैटरी होती है, खासकर लिथियम-आयन बैटरी। इस बैटरी को बनाने के लिए लिथियम, कोबाल्ट, निकल, मैंगनीज और ग्रेफाइट जैसे खनिजों की जरूरत होती है। इन खनिजों को धरती के अंदर से निकालने के लिए बड़े पैमाने पर खनन किया जाता है। बैटरी निर्माण एक बहुत ऊर्जा खपत वाली प्रक्रिया है। खनिजों को निकालना, उन्हें साफ करना, रासायनिक प्रक्रिया से बैटरी सामग्री बनाना और फिर बैटरी सेल तैयार करना — हर चरण में बिजली और ईंधन की जरूरत होती है। कई अध्ययनों के अनुसार, एक इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी बनाने स...