आज के समय में हेल्थकेयर खर्च तेजी से बढ़ रहे हैं। एक बड़ी बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी कई सालों की बचत कुछ ही दिनों में खत्म कर सकती है। यही वजह है कि अब वित्तीय विशेषज्ञ केवल हेल्थ इंश्योरेंस ही नहीं, बल्कि एक अलग हेल्थ फंड बनाने की भी सलाह देते हैं। अधिकतर लोगों को लगता है कि हेल्थ इंश्योरेंस लेने के बाद उनका काम पूरा हो गया। लेकिन सच्चाई यह है कि इंश्योरेंस हर मेडिकल खर्च को कवर नहीं करता। कई ऐसे खर्च होते हैं जो आपकी जेब से जाते हैं। यही जगह है जहां हेल्थ फंड आपकी मदद करता है। अगर आप हेल्थ फंड और हेल्थ इंश्योरेंस के बीच का अंतर समझ लें, तो आप अपने भविष्य और परिवार दोनों को आर्थिक रूप से ज्यादा सुरक्षित बना सकते हैं। तेजी से बढ़ती मेडिकल महंगाई भारत में सामान्य महंगाई भले ही लगभग 5% हो, लेकिन मेडिकल महंगाई 12–14% तक पहुंच चुकी है। यानी इलाज का खर्च बाकी चीजों की तुलना में कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। मान लीजिए कि आज किसी बड़ी सर्जरी या इलाज का खर्च ₹5 लाख है। अगर मेडिकल महंगाई इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले 15 सालों में वही इलाज लगभग ₹27 लाख तक पहुंच सकता है। इसके अलावा लोग पहले से ...