पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत की सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय बचत योजनाओं में से एक है। यह योजना पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा समर्थित है, इसलिए इसमें निवेश को सुरक्षित माना जाता है। टैक्स छूट, अच्छा ब्याज और जोखिम-मुक्त रिटर्न के कारण यह योजना नौकरीपेशा लोगों और लंबे समय तक बचत करने वालों की पहली पसंद बन चुकी है।
लेकिन इसके कई फायदों को देखकर लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है—
क्या कोई व्यक्ति एक से ज़्यादा PPF अकाउंट खोल सकता है?
आइए, इसे समझते हैं।
PPF अकाउंट क्या है?
PPF एक लॉन्ग-टर्म सेविंग स्कीम है, जिसकी मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है। इसमें आप हर वित्तीय वर्ष में:
न्यूनतम निवेश: ₹500
अधिकतम निवेश: ₹1.5 लाख
15 साल पूरे होने के बाद आपको पूरा पैसा ब्याज सहित और पूरी तरह टैक्स-फ्री मिलता है। चाहें तो आप मैच्योरिटी के बाद इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे भी बढ़ा सकते हैं, ताकि ब्याज मिलता रहे।
इसके अलावा, PPF में किया गया निवेश इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत टैक्स छूट के लिए भी योग्य होता है।
क्या एक से ज़्यादा PPF अकाउंट खोल सकते हैं?
सीधा और स्पष्ट जवाब है—नहीं।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक्ट, 1968 के अनुसार,
👉 एक व्यक्ति अपने नाम से केवल एक ही PPF अकाउंट खोल सकता है।
यह नियम हर जगह लागू होता है, चाहे आप अकाउंट कहीं भी खोलें।
उदाहरण के लिए:
अगर आपका PPF अकाउंट पहले से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है, तो आप दूसरा अकाउंट पंजाब नेशनल बैंक में नहीं खोल सकते।
अगर आपका PPF अकाउंट पोस्ट ऑफिस में है, तो बैंक में नया PPF अकाउंट खोलना भी मना है।
अलग-अलग शहरों या ब्रांच में अकाउंट खोलने से भी नियम नहीं बदलता।
यानि, एक व्यक्ति = एक PPF अकाउंट।
अगर गलती से दो PPF अकाउंट खुल जाएँ तो क्या होगा?
कई बार जानकारी की कमी के कारण लोग गलती से एक से ज़्यादा PPF अकाउंट खोल लेते हैं। ऐसे मामलों में सरकार के नियम काफी सख्त हैं।
केवल एक अकाउंट को ही वैध माना जाएगा
दूसरा अकाउंट अनियमित (Irregular Account) घोषित कर दिया जाएगा
उस अकाउंट पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा
ऐसी स्थिति में दो विकल्प होते हैं।
विकल्प 1: अकाउंट को मर्ज कराना
वित्त मंत्रालय की अनुमति से दो या उससे ज़्यादा PPF अकाउंट को एक में मर्ज किया जा सकता है।
इसके लिए खाताधारक को बैंक या पोस्ट ऑफिस के ज़रिए मंत्रालय को आवेदन देना होता है, जिसमें सभी PPF अकाउंट का पूरा विवरण देना होता है।
विकल्प 2: अतिरिक्त अकाउंट बंद करना
अगर अकाउंट मर्ज नहीं कराए जाते हैं, तो:
अतिरिक्त PPF अकाउंट बंद करना अनिवार्य होगा
सिर्फ मूल राशि (Principal) वापस मिलेगी
ब्याज की राशि वापस नहीं की जाएगी
इसलिए PPF अकाउंट खोलते समय सावधानी बहुत ज़रूरी है।
क्या इस नियम में कोई छूट है?
हाँ, एक खास स्थिति में छूट दी गई है।
नाबालिग (Minor) के लिए PPF अकाउंट
माता-पिता अपने 18 साल से कम उम्र के बच्चे के नाम से एक अलग PPF अकाउंट खोल सकते हैं।
हालाँकि, यह अकाउंट केवल माता या पिता में से कोई एक ही खोल सकता है।
लेकिन इसमें भी एक सीमा तय है।
माता-पिता और बच्चे—दोनों के PPF अकाउंट में मिलाकर निवेश ₹1.5 लाख से ज़्यादा नहीं होना चाहिए।
उदाहरण:
अगर आपने अपने PPF अकाउंट में ₹1 लाख निवेश किया है, तो आप बच्चे के अकाउंट में अधिकतम ₹50,000 ही जमा कर सकते हैं।
जब बच्चा 18 साल का हो जाता है, तो:
PPF अकाउंट उसके नाम ट्रांसफर किया जाता है
नया आवेदन फॉर्म
KYC डॉक्यूमेंट
नॉमिनेशन फॉर्म
जमा करना होता है
इसके बाद बच्चा खुद अकाउंट को ऑपरेट करता है।
PPF अकाउंट कैसे खोलें?
PPF अकाउंट आप निम्न जगहों पर खोल सकते हैं:
पोस्ट ऑफिस
सरकारी बैंक जैसे बैंक ऑफ इंडिया
कुछ प्राइवेट बैंक जैसे HDFC बैंक और Axis बैंक
जरूरी दस्तावेज:
PPF अकाउंट ओपनिंग फॉर्म
पहचान पत्र (आधार, पैन आदि)
पता प्रमाण
फोटो
हस्ताक्षर
सभी दस्तावेज जमा करने के बाद आप पहली राशि जमा करके अकाउंट शुरू कर सकते हैं।
PPF की मौजूदा ब्याज दर
FY 2025–26 की दूसरी तिमाही (Q2) तक,
👉 PPF की ब्याज दर 7.1% प्रति वर्ष है।
ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से महीने के अंत तक की न्यूनतम राशि पर होती है
ब्याज साल में एक बार अकाउंट में जोड़ा जाता है
👉 ज़्यादा ब्याज पाने के लिए हर महीने 5 तारीख से पहले पैसा जमा करना फायदेमंद होता है।
निष्कर्ष
PPF योजना लंबी अवधि की सुरक्षित बचत के लिए बनाई गई है, न कि एक से ज़्यादा अकाउंट खोलने के लिए। सरकार के नियम साफ कहते हैं कि एक व्यक्ति अपने नाम से केवल एक ही PPF अकाउंट रख सकता है।
अगर आप ज़्यादा निवेश करना चाहते हैं, तो बेहतर विकल्प हैं:
सालाना ₹1.5 लाख की पूरी सीमा का उपयोग
नाबालिग बच्चे के नाम PPF अकाउंट
PPF के साथ अन्य टैक्स-सेविंग निवेश विकल्प
नियमों को सही तरह समझकर निवेश करने से आपका पैसा सुरक्षित भी रहेगा और बिना किसी परेशानी के बढ़ता भी रहेगा।

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