भारत में चावल सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा है। दाल-चावल से लेकर पुलाव और बिरयानी तक, हर घर में चावल की खास जगह होती है। इसलिए हम आमतौर पर चावल को सस्ता और आसानी से मिलने वाला अनाज मानते हैं।
लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि एक किलो चावल की कीमत एक स्मार्टफोन जितनी या उससे भी ज्यादा हो सकती है?
जी हां, दुनिया में ऐसा चावल मौजूद है जिसे आम खाने के बजाय लग्ज़री और शौक़ की चीज़ माना जाता है। यह चावल इतना खास और दुर्लभ है कि इसकी कीमत सुनकर अच्छे-अच्छे खाने के शौकीन भी हैरान रह जाते हैं।
आइए जानते हैं दुनिया के सबसे महंगे चावल की पूरी कहानी।
दुनिया का सबसे महंगा चावल कौन सा है?
रिपोर्ट के अनुसार CNN के मुताबिक, जापान का Kinmemai Premium चावल साल 2016 में Guinness World Records द्वारा दुनिया का सबसे महंगा चावल घोषित किया गया था।
इस चावल को खास सिर्फ इसकी कीमत नहीं बनाती, बल्कि इसे उगाने, तैयार करने और पैक करने का तरीका भी इसे बेहद अनोखा बनाता है।
कीमत जो सच में चौंका देती है
Kinmemai Premium की कीमत आम चावल से कई गुना ज़्यादा है।
840 ग्राम के एक बॉक्स की कीमत लगभग 10,800 जापानी येन होती है, जो भारतीय मुद्रा में करीब ₹6,000–₹7,000 बैठती है।
लॉन्च के समय इसकी कीमत करीब ₹9,800 प्रति किलो थी।
आज अलग-अलग बाज़ारों में इसकी कीमत ₹12,500 से ₹15,000 प्रति किलो तक पहुंच चुकी है।
इतने पैसों में आप:
एक नया स्मार्टफोन खरीद सकते हैं
घरेलू फ्लाइट का टिकट ले सकते हैं
पूरे महीने का राशन ला सकते हैं
कौन बनाता है यह खास चावल?
Kinmemai Premium चावल को जापान की मशहूर कंपनी Toyo Rice Corporation तैयार करती है।
यह कंपनी चावल को साधारण अनाज नहीं, बल्कि एक कला की तरह देखती है। वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से यह चावल के स्वाद, बनावट और पोषण को बेहतर बनाती है।
पांच बेहतरीन किस्मों का खास मिश्रण
यह चावल किसी एक किस्म का नहीं है, बल्कि पांच बेहतरीन चावल की किस्मों का मिश्रण है।
इनमें शामिल हैं:
Koshihikari – अपनी मिठास और नरम बनावट के लिए प्रसिद्ध
Pikamaru – संतुलित स्वाद के लिए जाना जाता है
हर किस्म को इसलिए चुना गया है ताकि स्वाद, खुशबू और टेक्सचर का सही संतुलन बन सके।
जापान के सबसे अच्छे इलाकों में उगाया गया
इस चावल के बीज जापान के प्रसिद्ध इलाकों से लिए जाते हैं, जैसे:
Niigata
Nagano
Gunma
इन जगहों की साफ़ हवा, शुद्ध पानी और उपजाऊ मिट्टी चावल की गुणवत्ता को और बेहतर बनाती है।
छह महीने तक रखा जाता है चावल
आमतौर पर चावल कटाई के बाद जल्दी बाज़ार में भेज दिया जाता है। लेकिन Kinmemai Premium के साथ ऐसा नहीं होता।
कटाई के बाद इसे लगभग छह महीने तक रखा जाता है। इस दौरान चावल का स्वाद और बनावट और भी निखर जाती है। कंपनी का दावा है कि इस प्रक्रिया से चावल की प्राकृतिक मिठास बढ़ जाती है।
खास “बफिंग” तकनीक
इसके बाद चावल पर एक पेटेंटेड बफिंग प्रक्रिया अपनाई जाती है।
इस तकनीक से चावल की ऊपरी परत को हटाया जाता है, लेकिन जरूरी पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।
इससे चावल:
देखने में बेहद चमकदार लगता है
पोषण से भरपूर रहता है
पकने के बाद बेहद मुलायम बनता है
स्वाद में कितना अलग है भारतीय चावल से?
जो लोग इसे खा चुके हैं, उनके अनुसार पकने के बाद इसके दाने छोटे-छोटे क्रिस्टल की तरह चमकते हैं।
स्वाद के बारे में कहा जाता है कि:
इसमें हल्की मिठास होती है
हल्का-सा नटी (मेवों जैसा) स्वाद आता है
इसका टेक्सचर इतना मुलायम और क्रीमी होता है कि कई लोग कहते हैं कि यह मुंह में घुल जाता है।
सीमित उत्पादन और लग्ज़री पहचान
Toyo Rice Corporation हर साल सिर्फ लगभग 1,000 बॉक्स Kinmemai Premium बनाती है।
हर बॉक्स में 140 ग्राम के छह छोटे पैकेट होते हैं।
जापान में इसे रोज़मर्रा के खाने के बजाय:
महंगे गिफ्ट
खास मौकों पर दिया जाने वाला तोहफा
माना जाता है।
चावल नहीं, एक लग्ज़री अनुभव
Kinmemai Premium सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं है, बल्कि स्वाद और शान का अनुभव है।
सीमित उत्पादन, महीनों की तैयारी और आधुनिक तकनीक इसे दुनिया का सबसे महंगा चावल बनाती है।
यह साबित करता है कि अगर साधारण चीज़ों को भी पूरी मेहनत और कला के साथ तैयार किया जाए, तो वे लग्ज़री बन सकती हैं।

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