भारत में घर, फ्लैट या किसी भी तरह की प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त जीवन का एक बहुत बड़ा आर्थिक फैसला होती है। यह सौदा अक्सर सालों की मेहनत की कमाई और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा होता है। कुछ लोग बढ़ते बाजार भाव का फायदा उठाने के लिए प्रॉपर्टी बेचते हैं, तो कुछ लोग निजी जरूरतों, स्थान परिवर्तन या नई संपत्ति खरीदने के लिए पुरानी प्रॉपर्टी बेचते हैं।
लेकिन कई बार लोग जल्दबाज़ी में या बिना सही तैयारी के प्रॉपर्टी बेच देते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि मुनाफे की जगह उन्हें नुकसान झेलना पड़ता है। टैक्स, कीमत तय करने या कागजात से जुड़ी एक छोटी-सी चूक भी आपको लाखों का नुकसान करा सकती है। इसलिए प्रॉपर्टी बेचने से पहले कुछ जरूरी नियमों और बातों को समझना बेहद आवश्यक है
1. प्रॉपर्टी बेचने से पहले कैपिटल गेन टैक्स समझें
प्रॉपर्टी बेचने पर होने वाली कमाई पर सरकार कैपिटल गेन टैक्स लगाती है। यह टैक्स इस बात पर निर्भर करता है कि आपने प्रॉपर्टी कितने समय तक अपने पास रखी है।
शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG)
अगर आप प्रॉपर्टी खरीदने के 2 साल के भीतर बेचते हैं, तो होने वाला मुनाफा आपकी कुल आय में जोड़ दिया जाता है। इस पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स देना होता है, जो काफी ज्यादा हो सकता है।
लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG)
अगर आप प्रॉपर्टी को 2 साल बाद बेचते हैं, तो मुनाफे पर लगभग 12.5% (या लागू पुराने नियमों के अनुसार) टैक्स लगता है, जो ज्यादा फायदेमंद होता है।
धारा 54 के तहत टैक्स छूट
अगर आप एक रिहायशी मकान बेचकर उसी पैसे से तय समय सीमा में दूसरा रिहायशी मकान खरीदते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 54 के तहत आपको कैपिटल गेन टैक्स में छूट मिल सकती है।
सलाह: प्रॉपर्टी बेचने से पहले टैक्स की सही गणना जरूर करें। जरूरत हो तो किसी टैक्स सलाहकार से सलाह लें।
2. सही मूल्यांकन (Valuation) बहुत जरूरी है
कई लोग भावनात्मक जुड़ाव के कारण अपनी प्रॉपर्टी की कीमत ज्यादा रख देते हैं, जिससे खरीदार नहीं मिलते। वहीं कुछ लोग जल्दबाज़ी में बाजार से कम कीमत पर बेच देते हैं और नुकसान उठा लेते हैं।
सही कीमत तय करने के लिए:
अपने इलाके का सर्कल रेट जरूर जांचें
बिक्री मूल्य सर्कल रेट से कम नहीं हो सकता
आसपास हुई हाल की प्रॉपर्टी डील्स का अध्ययन करें
जरूरत पड़े तो प्रोफेशनल वैल्यूअर से कीमत तय कराएं
याद रखें: सही कीमत रखने से ही सही खरीदार मिलता है और अच्छा मुनाफा होता है।
3. सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखें
खरीदार सबसे पहले प्रॉपर्टी के कागजात देखता है। साफ और पूरे दस्तावेज सौदे को आसान और तेज बनाते हैं।
आपके पास ये कागजात जरूर होने चाहिए:
टाइटल डीड (मालिकाना हक का प्रमाण)
एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट, जिससे पता चले कि प्रॉपर्टी पर कोई लोन या कानूनी विवाद नहीं है
बिल्डिंग प्लान और कंप्लीशन सर्टिफिकेट (जहां लागू हो)
इसके अलावा:
प्रॉपर्टी टैक्स, बिजली, पानी और सोसायटी मेंटेनेंस का नो ड्यूज सर्टिफिकेट
अगर होम लोन चल रहा है, तो बैंक से लोन क्लोजर और दस्तावेज रिलीज की प्रक्रिया पहले ही तय करें
अधूरे कागजात डील को रद्द भी करवा सकते हैं।
4. टीडीएस नियमों को नजरअंदाज न करें
आयकर नियमों के अनुसार:
अगर प्रॉपर्टी की कीमत ₹50 लाख से अधिक है, तो खरीदार को कुल राशि पर 1% टीडीएस काटकर सरकार के पास जमा करना होता है।
विक्रेता के रूप में यह आपकी जिम्मेदारी है कि:
खरीदार से फॉर्म 16B (टीडीएस सर्टिफिकेट) जरूर लें
अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में इस टीडीएस का दावा करें
अगर टीडीएस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो बाद में टैक्स से जुड़ी परेशानी हो सकती है।
5. प्रॉपर्टी की सही मार्केटिंग और पहला प्रभाव
पहला इंप्रेशन बहुत मायने रखता है। अच्छी तरह मेंटेन की गई प्रॉपर्टी ज्यादा कीमत दिला सकती है।
बेचने से पहले:
छोटी-मोटी खराबियां, लीकेज या टूट-फूट ठीक कराएं
नया पेंट और सफाई से प्रॉपर्टी का मूल्य 5–10% तक बढ़ सकता है
घर को साफ-सुथरा और खुला दिखाएं
मार्केटिंग के लिए:
भरोसेमंद ऑनलाइन प्रॉपर्टी पोर्टल्स पर लिस्टिंग करें
अच्छे लोकल ब्रोकर से संपर्क करें
साफ और अच्छी क्वालिटी की तस्वीरें लगाएं
इससे सही खरीदार जल्दी मिलता है।
6. जल्दबाज़ी में सौदा न करें
प्रॉपर्टी बेचना समय और धैर्य मांगता है। जल्दबाज़ी अक्सर नुकसान का कारण बनती है।
एक से ज्यादा ऑफर देखें
पहले ऑफर पर तुरंत हां न कहें
समझदारी से बातचीत और मोलभाव करें
थोड़ा इंतजार अक्सर बेहतर कीमत दिलाता है।
7. भविष्य की योजना पहले से बनाएं
अगर आप प्रॉपर्टी बेचकर नई प्रॉपर्टी खरीदना या निवेश करना चाहते हैं, तो इसकी योजना पहले से बनाएं। इससे:
टैक्स बचाने में मदद मिलती है
पैसों का सही प्रबंधन होता है
गलत फैसलों से बचाव होता है
निष्कर्ष
प्रॉपर्टी बेचना सिर्फ खरीदार ढूंढने का काम नहीं है, बल्कि यह सही जानकारी, योजना और समय का खेल है। कैपिटल गेन टैक्स, टीडीएस नियम, सही कीमत, पूरे कागजात और मजबूत मार्केटिंग—हर कदम बहुत अहम है।
एक छोटी-सी गलती बड़ा नुकसान करा सकती है, जबकि सही फैसले आपको लाखों का फायदा दिला सकते हैं। इसलिए बिना जल्दबाज़ी के, पूरी तैयारी और सही सलाह के साथ प्रॉपर्टी बेचें। सही रणनीति अपनाकर आप अपनी संपत्ति को एक फायदे का सौदा बना सकते हैं।

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